26/11 के शहीदों को सहृदय

Terrorist Attack Mumbai 26-11-Hotel Oberoi

[tab:26/11: एक काला दिन]

जब-जब हम शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे शहीदों को याद करते हैं तो बरबस ये पंक्तियाँ याद आ ही जाती हैं-

कभी वो दिन भी आयेगा

कि जब आजाद हम होंगे

ये अपनी ही जमीं होगी

ये अपना आसमां होगा

शहीदों कि चिताओं पर

लगेंगे हर बरस मेले

वतन पर मरने वालों का

यही नामों-निशां होगा |

दो साल पहले आज ही के दिन २६/११ को मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले में देश ने सैकडो निर्दोष लोगो के साथ-साथ देश के १६ रण-बांकुरों को भी खो दिया था ! आइये हम सब उन शहीदों का स्मरण कर लें जिन्होंने इस हमले में अपनी जान देश पर कुर्बान कर दी.

[tab:आपके सन्देश एवं प्रार्थनाएं]

आज फिर एक बार २६/११ था…..

आज फिर एक बार २६/११ था;
आज फिर एक इमारत ढही है,
ताज न सही, मन ही था मेरा.
आज फिर मरे है कई जज्बात,
इस मलबे की ढेर में अब भी
कई तड़प रहे होगे.

आज उसका फोन आया था,
साथ में न ख़तम होनेवाली
उसकी चुप्पी.
दोनों का बड़ा गहरा
असर पड़ा है.
मेरे मन में कई क्षत-विक्षत
सपने, कुछ अधमरे-से भी
अब भी वक़्त की गिरफ्त में
लाचारगी-से मौत की राह पड़े है.

अंतर बस यही है कि,
इस अंदरूनी नुकसान से
बाहरी जीवन पर
कोई असर नहीं दीखता है.

अंतर बस यही है कि
इसका मातम मनानेवाला
और कोई भी नहीं,
आज सिर्फ मैं ही रोई हूँ…….

वन्दना

“दो साल पहले आज के दिन मुंबई को एक बर्बर आतंकवादी हमले का सामना करना पडा था, जिसमें सैकडो लोगों की जान चली गयी | इस हमले में मारे गए लोगो को याद करने और श्रद्धांजलि देने में पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है |

मनमोहन सिंह, प्रधान मंत्री

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