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सब कुछ नया होगा…इस बरस/सुनील वर्मा

इस बरस…

देखना तुम….सब कुछ नया होगा…!

ऐसे क्यों देख रहे हो मुझे…

ठीक ही तो कह रही हूँ…

गलत क्या कहा है मैंने…

नया ही तो होगा…!

जब आएगी दीवाली…

तो खूब पटाखे चलाना तुम…

उड़ाना रंगीन आतिशबाजियां….

कोई नहीं कहेगा…

की बहुत हो गया…अब बंद करो बाबा…

बंद करो ये शोर…

बहुत हो गयी होली…

उड़ा तो लिया अबीर और गुलाल…!

तुम्हारे दोस्तों की पार्टियों में…

जाते रहना तुम…

कोई नहीं रोकेगा…!

कोई नही कहेगा…कि जल्दी आना…!

इंतज़ार करना…तैयार रहना….

कौन सी परीक्षा दी है…और कौन सी देनी है तुम्हें…

कोई नहीं पूछेगा बेटे…!

क्या नया नहीं होगा ये सब….?

नया ही होगा…!

इस बरस…देखना तुम…!!

Shraddhanjali-Hindi-Poems-EVERYTHING-WILL-BE-NEW-THIS-YEAR

 

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